सोमवार, 13 जनवरी 2025

प्रकृति का संगीत

प्रकृति का संगीत

बारिश!!

बारिश!!

काव्य क्या होता है

काव्य क्या होता है मुझे नहीं पतामैं तो बस शब्दों को बुनता हूँदिल से निकलता है विचारऔर दिमाग से उसे लिख देता हूँकाव्य क्या होता है मुझे नहीं पतामैं तो बस शब्दों को बुनता हूँकभी मैं शब्दों से तो कभी शब्द मुझसे खेलते हैंइसी कश्मकश की कहीं उलझ कर टूट न जाएं बिखर न जाएं हम दोनोंमैं बड़े प्यार से शब्दों को सहेज कर रखता हूँकाव्य क्या होता है मुझे नहीं पतामैं तो बस शब्दों को बुनता हूँ

हिमालय की गोद में

हिमालय की गोद में